Showing posts with label poetry: Apart of me. Show all posts
Showing posts with label poetry: Apart of me. Show all posts

Monday, July 12, 2021

खुद से जुदा

 


 खुद से जुदा


कितना आसान है ! यह कहना,
के भूल गए है तुझे। 

लेकिन तू हर वक़्त * मेरे आस पास रहता है l
है ! तुझसे कोई शिकवा नहीं * फिर भी, 

क्यों तेरा गम * मुझे खुद से जुदा करता है ll


Favourites

Radhe krishna

  एक दूसरे के प्रति सेवा भाव ,आदर सत्कार  और प्रेम में ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है l