Wednesday, August 28, 2024

कबीर के दोहे #Kabir Ke Dohe

 


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जब मैं था वो नाही 

अब वो है मैं नाही

प्रेम गली इतनी सांकरी

इसमें दो न समाही ||

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Radhe krishna

  एक दूसरे के प्रति सेवा भाव ,आदर सत्कार  और प्रेम में ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है l