किनारे की एक आस है नदिया की भी प्यास है मंझधार की पुकार है रेत का भी संसार है ख़ाहिश हर किसी की है बंध के रहना न कोई रीत है जगत को जो चला रही विश्वास की एक प्रीत है कल कल करके बह रही संदेश नदिया दे रही अग्रसर अपने पथ पर निरंतर बह रही
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इतरा रहा है खुद पर चाँद बेईमान
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ठहरा हुआ आसमान है चल रहे है तारे कहता है चांद हम भी साथ है तुम्हारे छुप रहा बादलों में यूँ करके इशारे देखता हूं रात कैसे बीते बिन हमारे शोभा है आसमान की ओर तारों की शान इतरा रहा है खुद पर चाँद बेईमान रोज नया रूप है और रोज ही कलाएं कैसे कोई चाँद को दिल से लगाए देख के जिसको मन भरमाय दीदार ऐसा के रैन कट जाए रात भी जिसको गले से लगाए अंधियारे को दूर भगाए सफर का साथी जो बन जाए ऐसा मीत सबको भाए जो बिन बोले दिल की..... बात समझ जाए....
वो उम्र फिर नहीं आनी, Love, care, Missing Memories
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टिमटिमाते हुए तारे है आँखों के सामने कहते है रात रोशन है हम है साथ में पूर्ववा चल रही है यू के याद आ रहा हाथों में हाथ डालकर वो साथ चल रहा खूबसूरत रात और खूबसूरत हो गई खयाल तेरा आया चाँद की चाँदनी बढ़ गई आँखों से नीद न जाने कब चली गई करके तारों से तेरी बातें जागती रही बड़े गौर से सुन रहे तारे मेरी जुबानी चाँद कह रहा अपना दिल थामे...... अफसोस वो उम्र फिर नहीं आनी.....
अनपढ़ समाज और भ्रष्ट नेता चुप करा रहा शिक्षित जनता
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ना जाने कब आँख वाले अंधे हो गए पैरों में बेड़ियाँ डाल कैदी हो गए सच का ज्ञान हुआ तो निशब्द हो गए चार लोग क्या कहेंगे ये सोच के हैरान हो गए शिक्षा, ज्ञान, बात व्यवहार ये सब बेकार हो गये मूर्खों की संगत में रह कर ग्वार हो गए पढ़े लिखे को शीशा दिखा अनपढ़ भी समझदार हो गए लाल बत्ती भी उठा रही जूता ऐसा नेता सरकार हो गए झूठी खबर छप रही अखबार में आम भी खास हो गए पाँव दबा रहे सरकारी नौकर अंगूठा छाप ज्ञान दे रहे अफवाहें उठ रही जंगल के आग सी अब गधे पंजीरी खा रहे मौन हो गए ज्ञानी सभी देखा जब सब भेड़ चाल चल रहे आँखों पर बाँध ली पट्टी, कानो में ठेठी डाल ली.. मुश्किल है उसको समझाना जिसने सत्य ना मानने की जिद ठान ली.........
दस्तक दरवाजे पे देता है कोई
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चलते हुए जो रोक लेती .... ऐसी यादों से मिलाता है कोई भूलें भी तो भूल न पाए ऐसी अहमियत रखता है कोई दस्तक दरवाजे पे देता है कोई पुरानी कहानियों को पढ़ता है कोई कुछ ना कहके.. सबकुछ कह दे ऐसी शख्सियत रखता है कोई आज भी है और कल भी रहेगा इतना प्यार जताता है कोई आँखों में जिसका अक्स दिखे ऐसी नसीबियत रखता है कोई मेरे आज को मेरे कल से मिलाता है कोई खुद से जादा विश्वास करता है कोई मन्नत के धागे बाँधता है कोई फर्क़ जिसपे ता उम्र रहेगा ऐसी वसीयत रखता है कोई
चित्तकबरा सियार और जंगल का राजा l ग़द्दार का अंत होता बुरा है विश्वास तोड़ना किसी का बहुत बुरा है
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बात है बरसातों की जंगल के जानवरों की अत्याधिक बारिश और जल भराव के कारण बुरी हालत थी पशुऊ की... खाने को कुछ घास नहीं थी पेड़ पत्तियाँ सब भीग गई थी व्याकुल थे पशु भूख से और परेशान थे प्रकृति की मार से बिलों और गुफाओं में पानी था भर गया फिसलन और कीचड़ से बुरा हाल था हो गया टूटी थीं ना जाने कितनी शाखाएं बेघर हुए थे मासूम कीट पक्षी और नन्ही लताएँ भीषण बारिश और तेज हवाएं जल मग्न जंगल और मेघ बिजली चटकाए डरे थे सभी पक्षी.. पीपल नीचे बैठक लगाए क्या करे आगे कुछ युक्ति लगाए शेर बोला अब तो कुछ करना पड़ेगा वर्ना यारों सबको मरना पड़ेगा भेड़िया बोला जंगल अब छोडना पड़ेगा डेरा कहीं और अब लगाना पड़ेगा चुप था चितकबरा सियार ना कुछ बोलता था आँखों में आंसू भर रो रहा था लोमड़ी बोली कुछ उपाय बताओ मुश्किल समय में चितकबरे ना आंसू बहाओ सियार अपनी होशियारी में था मौकापरस्त शिकार की फ़िराक़ में था बोला किसी पशु को बलि देनी पड़ेगी ये मूसलाधार बारिश तभी रुकेगी जानवर थे मौन ना कुछ बोलते थे एक दूसरे को बस देखते थे हाथी बोला किसकी बलि देंगे सभी भूख ...
Motivatinal Quotes For Life, Struggle & Hope
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हर कहानी की शुरूवात संघर्ष से होगी रात अंधियारी हो तो क्या भोर तो होगी समस्याओं का कहर बेशक टूटा है तुमपे समाधानों की मगर उम्मीद तो होगी वो गम जिसमें डूबे हो सिर से पाँव तलक अखिर उस गम की एक उम्र तो होगी चित्त में है जो बसा है तेरे रातों - दिन सुबहो शाम कभी तो अपने अराध्य से मुलाकात तो होगी दिल ने कही है तुझसे जो वो बात मान ले मुनाफा ना सही लेकिन तसल्ली तो होगी मुश्किलों से ही सही अखिर मिलते है रास्ते देर से ही सही मंज़िलों से भेट तो होगी कोई कितना बदनाम करे हस्ती को तेरी बादल छठने के बाद फिरसे धूप तो होगी
जिंदगी हर मोड़ पे बदल जाती है
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कभी उलझती है तो कभी सुलझ जाती है जिंदगी क्या कहें हर मोड़ पे बदल जाती है आंखों को सपने दिखा नींद से जगाती है बिना पंखों के उड़ना सिखाती है मन के वेग को ख़ाहिश के आसमानों तक क्षितीज के पास कहीं दूर तलक जाती है कभी उलझती है तो कभी सुलझ जाती है जिंदगी क्या कहें हर मोड़ पे बदल जाती है समन्दर को आसमान और आसमान को समंदर बनती है डूबे हुए को भी किनारे लगाती है टिमटिमाते तारों को टूटना सिखाती है जिंदगी क्या कहें उंगलियों से रेत जैसी फिसल जाती है पलक झपकते ही एक उम्र गुजर जाती है किस्से कहानियों सी जिंदगी हकीकत बन जाती है जिंदगी क्या कहें हर मोड़ पे बदल जाती है...
आप अपना खयाल रखो, Msg To Old & Responsible Adults, Relatives and friends. Learn To Live For Yourself
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चलो आपको आपसे रुबरु कराते है एक जिम्मेदार इंसान से मिलाते है जिंदगी की दौड़ में दो पल सुकून में बैठ के हाल अपना भी पूछ लो खास हो आप अपने लिए काम, व्यापार, मकान दुकान कुछ ना साथ जाएगा सब यही रह जाएगा इसलिए, आप अपना खयाल रखे खान पान में कमी नहीं, वर्जिश अपनी नित्य करे एक ही जीवन मिला है बेफिक्र होके इसको जिये कभी बाप तो कभी भाई, पति, बेटा तो कभी जवाई निभा लिए सारे किरदार अब अपने लिए जियो आप किसी की सास और किसी की माँ, पत्नी, भाभी और बड़ी माँ देख लिए जीवन के रंग अब जियो जिंदगी अपने ढंग बहुत हुआ खुश करना सबको देखो बस अब अपने कल को अपनी पिक्चर के हीरो है आप, इसलिए खुद का करो सम्मान जो मन आए वो करे हर हाल खुश रहें साकार करे अपने अरमान.. पार्क और मित्रों से बढ़ाए पहचान जो कमी रही जिंदगी में उसको भोले और जो पास है उसकी कीमत समझे आप की खुशी से हमारी खुशी है बिना आपके आशीर्वाद के जीवन में कमी है I
वृंदा - मेरी बछिया, Hindi Story Of My Pet Vrinda - The Calf story of love, care and attachment, Animals love
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वृंदा मिली जब तीन महीने की थी,सफेद रंग और माथे पर श्वेत टिकउला , छोटा कद ओर हिरनी आँखे l इठला के चलती, लगती नखरिली जैसे हो महारानी घर की, लाल रंग की घंटी कंठ में टन टन करती I तीन दिन तक खडी रही डर से डोरी में बंधी रही बस आँखों से आँसू बहें शायद अपनी माँ को ढूँढ रही खिलाई रोटी हाथों से, चोकर और पशु आहार दिया, माथे में कुमकुम लगा के उसका घर में सत्कार किया धीरे धीरे हुई पुरानी अब करती है मनमानी सुबह और शाम की रोटी पहले वृंदा को भोग लगानी I है उसमें बच्चों की जान अपने घर की वही है शान नित्य नियम पाँव छूना उसके करते है जीना आसान आभास उसको हो जाता है जब कान खड़े हो जाते है, पड़ोसी के घर हुई चोरी तब वृंदा की घंटी सुन... चोर भी भाग जाते है I तीन साल की हुई है अब सुन्दर गईया लगती है एक बार जो देखे उसको दिल से तारीफ निकलती है पिछले माह खुल गई थी खूँटे से , ना जाने कहां निकल गई ...ढूँढ रहा था पूरा घर उसको फिर भी वृंदा नहीं मिली थक हार कर बैठ गए सोचा शायद खो गई वो पूछा गाँव के चरवाहों से लेकिन किसी को नहीं दिखी वो दिखलाई उसकी तस्वीरें एक बोला शायद दे...
चाँद का सफर, hindi poem on life, चाँद रात का साथी
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फुर्सत में बैठे है आपने चाँद के साथ हो रही है बातें शाम ढ़लने के बाद देर से आया है दोस्त बादलों में छुपा नहीं दिखा दी अपनी सूरत बहुत इंतजार के बाद सोचा शिकवा करे पर दलीलें है बेकार बात अखिर शिकायत मुझसे यार ने की अर्से बाद कह दिया इतने दिन राह तो हमने तकि आता रहा रोज फुर्सत तुम्हें आज मिली मासूमियत इतनी के चेहरे पे हसी खिली क्या कहते जिंदगी रेत सी फिसल गई किस्मत से बैठे है पहलू में तेरे.. कर्मों के जाल में जिंदगी उलझी रही आईना था सामने सूरत बदली अपनी लगी किस्मत को ग्रहण ने ऐसे छला है कहने को पूरा आसमान है गर चाँद का सफर तन्हा ही रहा है ll
राधे संग कान्हा का प्रेम, श्रीं राधे कृष्णा बाल रूप प्रसंग, श्री कृष्णा नटखट राधा अलबेली
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कान्हा जाओ मैं तुमसे रूठी, हर बात तेरी होती झूठी खाई थी कसम ना तोड़ेंगे मटकी गागर देख गुलेरी छूटी चीर छुपाये नदिया के तीरे ओढ़नि लहराए कदंब के नीचे बाट देखेंगी मैया ना रोको कन्हैया दूंगी तोहे माखन मिस्री नंद के लाल ना कर बरजोरी बहुत हुई तोरी आंख मिचौनि दाऊ अब आपहु कुछ बोलो गोधूलि हुई मोरी नंदिनी फेरों सुदामा तुम तो सखा हो प्यारे बोलो कान्हा काहे इतराए सब सखियाँ भी दे है उलाहना नटखट कन्हैया का रोज सताना मैया से कहूँगी मैं तेरी कन्हैया ना भेजो ग्वालों संग कृष्ण को मैया काली गईया का दुध रोज कान्हा पियत है बछवां भी उसका मुंह लखत है रिसीया गए कान्हा कहन लगे राधा , हसी ठिठोली और कठबैठी... बहुत हुई अब मोरी चुगली ना बोलूंगा राधे, तोड़ दयी जा प्रीत पुरानी तड़पे जाल में खग और मछली बिन जल के तड़प रही राधिका मोहन बिन ऐसे बाट देखत पथरा गई अंखियआ नैनो से कजरा बह गया रसिया काहे कछू कहो तोसे मोहन मैंने, सुनकर दो आखर बिसरा गए सब प्रीतिया तोहे देखन खातिर पनघट पर जाऊँ, सुबहो,...
ना रहो आश्रित किसी पर अपनी खुशी के लिए , आजकल के रिश्ते, Truth Of Joint Family
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जबरदस्ती के रिश्ते ऐसे जुड़े है दरारे है दरमियाँ फिर भी टिके है कहने को अल्फाज़ नहीं है गैरों से कुछ क्रम नहीं है रहते है एक छत के नीचे फिर भी कोई बात नहीं है औपचारिकताएं ही शेष है रिश्ते अब ना विशेष है मान सम्मान खत्म हुआ अपना घर जैसे परदेस है अब ना अपने ना अपनापन बस मैं खुश और मेरा जीवन अब रिश्तों की तरकार नहीं बंध के रहना रिश्ते में प्यार नहीं रिश्तेदार है ये, ना होंगे खुशी ना मानेगा एहसान कोई अच्छा करके भी जो बुरा कहेगा ऐसा रिश्तेदार हर घर में मिलेगा आपका जीवन है आपके लिए जियो इसे अपनी खुशी के लिए जो रहा दुख में संग रहेगा सुख में ना रहो आश्रित किसे पे अपनी खुशी के लिए
One Religion One Nation The Hindustan जय हिन्दुत्व जय हिंद जय भारत
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******************************************* मानसिकता है कुछ लोगों की सही को गलत ठहराने की समाज के ठेकेदार बने हुए और जरूरत है प्रौढ शिक्षा की अल्प ज्ञान और छोटी सोच रोक रही तरक्की की गति गाँव कस्बे और छोटे शहर कह दे रहे कुछ भी कहीं कभी उठ रहे सरकार पे सवाल तो कभी धर्म बोल रहे जाती वाद और मंदिर मस्जिद पर मुद्दा रोज उग्र रहे आखिर क्यूँ नहीं सोच रहे सब एकजुट हो कर, भारत बढ़े बाट दोगे जब एक दूजे को फिर कहा एकता में बल रहे लड रहे सभी देश में नुकसान अपना कर रहे एक गुजारिश जनता से के हम सब ना आपस में लड़े खून है सबका हिन्दुस्तानी जिसने कोई ना जात पहचानी पहचाने अपनी ताकत को आपस में मिलकर रहे फ़ूट डालो शासन करने की नीति से दूर रहे हम एक थे एक रहेंगे हिन्दुस्तान गर्व करे नहीं बटे थे नहीं बटेंगे ये बात याद रहे जय हिन्दुत्व जय हिंद जय भारत
Life Of Alcohol Addict, Bad habbits of alcohol , Drawback of drinking
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बोतल में खुद को कैद कर लिया और अपने दुखों को बढ़ा लिया भूल जाते सारे दर्द हम.. पर दो घूंट पीके जख्म ताजा कर लिया सब सही और मैं गलत इस बात पे खुदको राजी कर लिया सुबह का भूला ग़र शाम आए इस कहावत को अपना गुलाम कर लिया . मान लेते हैं अपनी गलती रात गई और बात गई इस बात को अपना तकिया कलाम कर लिया यार भी है और प्यार भी है मेरा सच्चा दिलदार भी है छूट गए है सारे साथी पर इसकी यारी बाकी है डूब गया हूं इसमे इतना कुछ खोने का गम नहीं बस कोई पहुचा दो घर मुझको अब कुछ याद नहीं
शतरंज की महाभारत, Selfish Relarions,
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अपने ही अपनों से दूर हो गए बंटवारा करने को मंजूर हो गए स्वार्थ से जुड़े रिश्ते, स्वार्थ सिद्ध होते ही नजरों से दूर हो गए शतरंज की चालों ने महाभारत करा दी द्वेष और क्रोध ने बुद्धि भ्रष्ट करा दी शकुनी की कूटनीति ने मिट्टी लाल करा दी पितामह की चुप्पी ने शैय्या बिछा दी नेत्रहीन राजा के फैसले ने अनीति करा दी अपमानित कुल वधु ने प्रतिज्ञा ले ली आपसी रंजिश, जिद और बदले की भावना ने हस्तिनापुर की हस्ती मिटा दी l l
जय भोलेनाथ, महादेव प्रभु, शिवरात्रि, मेरे महादेव प्रभु
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जन्मदिन मुबारक हो बेटा , जन्मदिन की बधाई, Happy birthday Wishes For Daughter,
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************************************************** जन्मदिन की तुमको ढेरों बधाई मिले लड्डू टॉफी ओर खूब मिठाई इश्वर से बस ये दुआ है हमारी मिले तुमको जीवन की खुशिया सारी रहो हरदम हस्ती मुस्कुराती जिंदगी में हमेशा जीत हो तुम्हारी परियों सी लगती हो नाजुक सी गुड़िया चहचहाती हो घर में जैसे हो चिड़िया मिली खुशी इतनी गोद में जबसे आयी बिटिया के रूप में सहेली है पायी पनफो फूलों मेहको कमल बेला जैसी कीर्ति मिले नभ की ऊँचाइयाँ जैसी एक माँ की प्रार्थना है लाडॉ इतनी खुशियो से भरी रहे दुनिया तुम्हारी पूरी हो हर मनोकामनाएं हमेशा ईश्वर करे तुमपे कृपा हमेशा l l
Gudmorning Wishes, सुबह की चाय का इंतजार ,Morning Sun
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"ॐ शं शनैश्वराय नमः।। " ,जय शनिदेव, न कोई छोटा न बड़ा है, हर कोई पंक्ति में खड़ा है, शनिदेव की अदालत में हर कोई कटघड़े में खड़ा है
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जय शनिदेव " ॐ शं शनैश्वराय नमः।। " नीलांजन समाभांस रविपुत्रं यमाग्रजमं l छायामार्तंडसंम्भूतं तं नमामि शनेश्वरम l। **************************************************************** नील वर्ण और छोटा कंठ टेढ़ी दृष्टि भुकटी विकराल नेत्र लाल और धीमी चाल एकांत प्रिये और धैर्यवान वैराग्य पसंद और कर्म प्रधान विस्तृत पथ पे चलनेवाला पिंगल , कृष्णा छयानन्दन शानिवार है वार इनका पुष्यआ ,अनुराधा और उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र इनका मकर और कुम्भ के राशि स्वामी श्री कृष्णा प्रभु के भक्त है रुद्रान्तका टेढ़ी चाल को सीधी करदे और सीधी को टेढ़ी वक्र दृष्टि गर पड गयी प्रभु की तो खुली किताब जातक की दशा इनकी अतयंत कष्ट दायक ढैया हो या साढ़े साती तपा के तुझको सोना करदे जीने का उदेशय बता दे देश विदेश की सैर करादे पल में सोना पीतल बना दे बीमारी वैधा जान न पाए ऐसा रोग लगा दे l l न कोई छोटा न बड़ा है, हर कोई पंक्ति में खड़ा है शनिदेव की अदालत में हर एक कटघड़े में खड़ा है...
चंचल मन की चंचलता, राधा कृष्ण की बाट दिखा दे , Imaginations Of Person Vast than Universe
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चंचल मन की चंचलता पल में पहुचादे कलकत्ता आँखों को दर्पण दिखला दे बीते कलसे फिर मिलवा दे प्रीत ऐसी खुद को बिसरा दे सन्यासी स हाल बना दे पोंछे कोई जो आंसू उसके निर्मोही संग प्रीत बता दे एक एक पल की गिनती में राधा कृष्ण की बाट दिखा दे चंचल मन की चंचलता तो कभी हंसे और कभी रुला दे चाँद की मासूमियत लिए हर छड़ अपनी कलायें दिखाए दे प्रेम को अपने नित दिन संजो के चकोर को अपने चाँद से मिला दे हिरानी को कस्तूरी दे दे उसकी जिज्ञासा भुलावा दे मृगतृष्णा को भी झुठला के गोपियों संग रास रचा दे चंचल मन की चंचला तो आकाश मे भी गंगा बहा दे हवा से तेज बुद्धि से तीव्र मन की गति महादेव से मिला दे l l
बस तू शुरुवात कर , Motivatinal Poetry For Students Preparing For Higher Exams Or Competitions, प्रेरणादायक कविता, Inspirational Quotes for School & Collage Students
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भटक गया जो मार्ग से वो बीच में ही रह गया ये बात सत्य है जो सह गया वो लह गया भीड़ है बहुत यहां जीतने की होड़ है तू सिर्फ आगे बढ़ता चल रुकावटें हर मोड़ है फिक्र कुछ किए बिना जिक्र न किसी से कर मोह माया के जाल से खुद को आजाद कर नजर बचा के सबसे चल हर टोक एक रोक है रुक गया अभी तो आगे ना कोई छोर है मूंद ले तू अपनी आंखें, ज्ञान चक्षु खोल दे प्रयास कर प्रयास कर तू लक्ष्य अपना भेद ले हार है क्या! ये बस एक शब्द है जितनी है तुझको बाज़ी वही तो संघर्ष है कर्म ही तो पूजा है कर्म कर बस कर्म कर जीतना है तुझको ही बस तू शुरुवात कर
जान के सबकुछ चुप है जो बेटा तेरा बाप है वो , आजकल के प्यारे बच्चे, युवा पीढी, Etiquettes Of Young Generation, Hindi Poetry On father and son
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Instagram Facebook और YouTube में मस्त Netflix, Prime or Mobile mein व्यस्त क्या जाने क्या होती मेहनत जो है ऐशो आराम से ग्रस्त नहीं पता कुछ जिम्मेदारी बस लंबी लंबी घास खानी बातें है आकाश से ऊंची वाह रे कलयुग कैसी पीढी आँखों में है शर्म नहीं इज्जत बड़ो की करनी नहीं पी नहीं सकते पानी उठ के आजकल के प्यारे बच्चे बाप कर रहा सारे काम बेटा बोले सीता राम क्या बोले, कैसे समझाए बाप , बटे का भी बोझ उठाए निठल्ले बच्चों को आराम प्यारा पहचानो अपनी कीमत को दिखलाओ ये दुनिया को नाम करो कुछ काम करो अपना जीवन न बर्बाद करो सीखो अपने माँ बाप से सारे पहलू जीवन जीने के समझते हो अज्ञानी जिनको असली में है तुमसे ज्ञानी बड़ा किया है तुमको जिसने उनको कैसी राह दिखानी मानो उनका इतना एहसान उनके आगे ना दिखाओ शान जान के सबकुछ चुप है जो बेटा तेरा बाप है वो II
लव यू जिंदगी, Sad Quotes On Life
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संवारा है खुद को या तबाह किया है जिंदगी तू ही बता क्या गुनाह किया है उठने लगी उंगलिया गैरों की भी मुझपे अपनों ने लाके कटघरे में खड़ा किया है आईना भी शर्मसार है अब शक्ल देखके हर महफिल में इतना बदनाम किया है तसव्वुर रहा ठहराव का जिंदगी में जिंदगी भर घाव पर घाव मिले हैं सुकूं के नाम पर क्या करे इबादत तेरी बता मेरे खुदा जब ये दुख खुद तूने मेरी किस्मत मेँ लिखा है !!
कैसे होती है दिल की बाते, क्या सपने भी मन पढ़ लेते, कान्हा रहते गोपियों संग
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***************************************** ऐसे ही बस सोच रही हूँ सागर में मोती है कितने और तारे कितने होते नभ में क्यू है रक्त हम सब का लाल क्या होती है बाल की खाल ! कैसे चिड़िया आकाश में उड़ती और मछली ताल के भीतर तैरती क्यों कान्हा रहते गोपियों संग और बंसी की धुन करे मगन क्यों भोले की जटा से बहे गंगा और चन्द्रमा दिखे रोज़ नया नवेला क्यू अपने-अपनो से रहते दूर और मिलने को होते मजबूर क्यों गिरते आंखो से आंसू और याद दिलाते बीते कल को क्या सपने भी मन पढ़ लेते याद करो जिसे सपने में दिखते कैसे होती है दिल की बाते मैं लिखती हूँ आप पढ़ लेते :)
घटिया लोगों से पहचान नहीं , क्यूँ समझदारों की भीड़ में चर्चा है आपका, और कुछ नहीं है खोने को मेरे पास
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प्त्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं समझदार को इशारे की ज़रूरत नहीं जल में रहकर मगर से बैर नहीं और घटिया लोगों से पहचान नहीं ******************************************************** भला करते करते बुरा कर गए रकीबो से मिलके दगा कर गए गले लगा के प्यार से मुझको मेरे सीने में खंजर उतारते चते गए ******************************************************** क्यूँ समझदारों की भीड़ में चर्चा है आपका जो उड़ा रहा है मजाक जमाना आपका दिल से लिए है फैसले तो बात मान लो जहाँ दिल लगे वहाँ दिमाग न लगाया करो ********************************************************** और कुछ नहीं है खोने को मेरे पास एक तुम हो और तुम्हीं हो जीने की आस ********************************************************************** ऐसे ही जिंदगी तेरी याद में बिताई तकतें रहे चांद को सीने से फोटो लगाई हर उम्मीद अपनी ना उम्मीद हो गई जब चांद के ऊपर बदरी छा गई ...
खाली जेब की थी अपनी रईसी अपना वक़्त था के नासमझी थी
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अपना वक़्त था के नासमझी थी जिंदगी बहुत खूबसूरत थी थे अपने गुमान में गुम अलग ही दुनिया थी बातों बातों में ताली हसी ओर ठिठोली दिनभर गुनगुनाना दर्पण देख मुस्कुराना वो किस्से कहानी रोज महफिल सजानी झूठ बोल के रोज दोस्तों से मिलना पैसे इकठ्ठे करके फिर मूवी देखना बाद में लगे सब अपना पराया बताने याद आते है वो गुजारे ज़माने खाली जेब की थी अपनी रईसी जोड के पैसे की खाइशे पूरी ना मोबाइल ना कोई कैमरा जिंदगी थी एक खूबसूरत आईना
Happy New Year, 2026, आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं, New Year Wish In Hindi
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ना रहो आश्रित किसे पे अपनी खुशी के लिए, Selfish Relations, Relations Of Today's Generation
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जबरदस्ती के रिश्ते ऐसे जुड़े है दरारे है दरमियाँ फिर भी टिके है कहने को अल्फाज़ नहीं है गैरों से कुछ क्रम नहीं है रहते है एक छत के नीचे फिर भी कोई बात नहीं है औपचारिकताएं ही शेष है रिश्ते अब ना विशेष है मान सम्मान खत्म हुआ अपना घर ही जैसे परदेस है अब ना अपने ना अपनापन बस मैं खुश और मेरा जीवन अब रिश्तों की तरकार नहीं बंध के रहना रिश्ते में प्यार नहीं रिश्तेदार है ये, ना होंगे खुशी ना मानेगा एहसान कोई अच्छा करके भी जो बुरा कहेगा ऐसा रिश्तेदार हर घर में मिलेगा आपका जीवन है आपके लिए जियो इसे अपनी खुशी के लिए जो रहा दुख में संग रहेगा सुख में ना रहो आश्रित किसे पे अपनी खुशी के लिए
झूठ की परत चाहे कितनी दोहरस हो , सच सामने आएगा जरूर बस अपने समय का इंतजार करो
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हर जिक्र में नाम तेरा जिंदा रहने के लिए ख्याल तेरा यूं ही नहीं आ जाते आंखो में अश्रु रह-रह के मेरे सामने चेहरा आता है तेरा और कितना बदनाम करोगे रिश्ते को मेरे कब तक झूठी अफ़वाहे सुनेंगे लोग तेरे खारा है अगर समंदर तो खारा ही रहेगा दर्पण तो दर्पण है चेहरा उसमे असली ही दिखेगा लोग झूठी बातों का पहाड़ बनाये बैठे थे रेत के ढेर पे मचान सजाये बैठे थे समय की लहरों ने पहाड़ों को समन्दर में मिला दिया देखते ही देखते झूठे लोगों के मुँह से नकाब हटा दिया झूठ की परत चाहे कितनी दोहरस हो सच सामने आएगा जरूर बस अपने समय का इंतजार करो ।। J