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सबसे प्यारी कविता

MOTIVATINAL & Inspirational Hindi Poetry, निरंतर प्रयास ही सफलता की सीडी है

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नियति तेरी किताब में पक्षपात नहीं है, जो फिर दोहराया जाए इतिहास वही है। मेहनत करो, उसका कोई अंत नहीं है,  फल मिलेगा ज़रूर, अगर दिशा सही है। रंग रूप जाति भेद तुच्छ बातें हैं,  ज्ञान के प्रकाश की लौ ही श्रेष्ठ है। निरंतर प्रयास ही कामयाबी की सीढ़ी है, जो इस पर चढ़ गया, उसकी जीत हुई है। गिर-गिर के सीखना रास्ता आसान कर रहा , दुख में भी सुख है, इसका आभास कर रहा । शिक्षा के सितारे आँखों में चमक रहे, कल कागज़ पे उतरेंगे, इसका गुमान कर रहे। अध्ययन एक आज़ादी जो सोच बदल रहा , गाँव-कस्बे से उठकर युवा आगे बढ़ रहा । प्रतिस्पर्धा है चारों ओर, आगे बढ़ने की होड़ है, डूबा है जो ज्ञान रूपी सागर में,  अमृत का कलश उसकी गोद है।

Goodmorning Suvichar in Hindi - Rasta Chalne Se or kaam kerne se khatam hota hai

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good morning thought सुविचार  सुप्रभात रास्ता चलने से और काम करने से खत्म होता है  दुख दर्द बांटने से मन शांत होता है  Vinita Mishra, Themisvi.com  To read more poetries visit the blog TheMisVi.Com 

सुकून पर शायरी - Chand Ki Chandni Se Jyada Nirmal Tera Ehsaas Hai | TheMisVi

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चाँद की चाँदनी से ज्यादा निर्मल  लगता तेरा एहसास है शायरी  इंतजार है इस कदर के बीती पूरी रात है क्या तुम मेरे साथ हो या बस तुम्हारा एहसास है l ज्यादा फ़र्क़ नहीं है मग़र कुछ ऐसी ही बात है  चाँद की चाँदनी से ज्यादा निर्मल तेरा एहसास है  इस दिल ने गुस्ताखी की है जो तेरा भ्रम कर बैठा  बस अब ना मुमकिन है तेरा मेरे संग न रहना  जनता हूं सब झूठ है पर फिर भी मैं इतराता हूँ  तू न होके भी क्यूँ साथ है मेरे, इस गुत्थी को सुलझाता हूं  है, तुमसे मेरा इश्क बड़ा न दूर तुमसे रह पाता हूं  तू न सही कोई बात नहीं तेरी यादों में सुकून मैं पाता              

कर्मों का खेल, महादेव शायरी, अहंकार कपट और ईश्वर

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वो अपने वहम को सच मान बैठे सोने की काया को पत्थर कर बैठे अपने अहंकार में गिर गये इतना माथे के चन्दन को खुद रौंध बैठे l l अंतर आइना देखते तो सच जान जाते कभी तो रूप को अपनी पहचान जाते  है कपट, स्वार्थ और छलावा दिखावा  ना जाने कैसे ईश्वर से नज़रे मिलाते l l कैसा ये भ्रम है,  कैसी ये भ्रांति सोने के हिरण ने सीता मैया भरमा दी  मैं ही मैं हूं सर्वोत्तम और श्रेष्ठ इसी सोच ने रावण की हस्ती मिटा दी l l असल में खेल है कर्मों का सारा जो दिया तूने वही पलट के आया दुबारा l l हर चाल तेरी उसको पता है  है आंखें बंद पर सब देखता है  तुझे तुझसे ज़्यादा वो पहचानता है  हक़ीक़त को तेरी वो जनता है  l l वो ऊपर बैठा ईश्वर है सभी का जान के भी अंजान रचियता जगत का  तेरे दाऊ पेच सब उसकी नज़र है उसके हाथ में ही कर्मो की कलम  है l l टेढ़ी चाल को भी जो सीधी कर दे  पल में प्रलय को भी शांत करदे कृपा उसकी ऐसी के दिशा बदल दे   l l लिखु कुछ भी मैं महादेव मेरे शब्दों में मेरे अपना आशीर्वाद दे दे l l

Old Memories Shayari - Thahar Si Gayi Hai Ek Mod Pe Zindagi | TheMisVi

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ठहर सी गई है  एक मोड़ पे जिंदगी  चल रही है धीमी चाल उफ ये जिंदगी  बादलों ने जैसे  आवारापन खो दिया  बरस रही है घटा बनके  ये जिंदगी  !! बीती बातें किवाडी को  खटखटाने लगी  किताबें भी गुज़रा समय  दिखाने लगी पन्नों को पलटते रहे  और दिल कहने लगा  देखते ही देखते गुजार गई ये जिंदगी